भजन - मत होना बैमान देशको !
भजन
November 27, 2025
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भजन (तर्ज : मनकी आँखे खोल...) मत होना बैमान; देशकों ! मत होना बैमान ।। टेक ।। देश तेरा आजाद हुआ है तू इसको समझा कि नह…
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भजन पाहतोसि अंत काय , नंद-नंदना रे ! ॥धृ॥ दीन अम्ही घाबरलो , भवचक्री सापडलो । ‘ सुख ’ म्हणुनी गडबडलो , ऎक वंचन…
भजन समाधान हे विषयी नसे । पाहता दिसे , कळे सायसे ॥धृ॥ विचारी मना रे ! त्यजी सर्व वारे । धरी संत-पाया , स…